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संस्‍थान में हिन्‍दी सप्‍ताह का आयोजन

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भा.कृ.अनु.प.-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान में 14-21 सितम्बर 2016 के दौरान हिंदी सप्ताह आयोजित किया गया। हिंदी सप्‍ताह का शुभारम्भ समारोह संस्थान के निदेशक डॉ. एम.आर. दिनेश की अध्‍यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें डॉ. श्याम किशोर पाण्डेय, सेवा निवृत्त सहायक महा प्रबंधक, सिंडिकेट बैंक, मणिपाल, कर्नाटक मुख्‍य अतिथि थे। हिन्‍दी सप्‍ताह के दौरान ‘हिन्‍दी शब्‍दावली एवं टिप्‍पण’, ‘हिन्‍दी काव्‍य-पाठ’,  ‘प्रस्तुतिकरण कुशलता’ , ‘पूर्व-लिखित हिन्‍दी निबंध’, ‘हिंदी गीत’, ‘आशुभाषण’ और ‘हिन्‍दी संवाद’ आदि प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। उद्घाटन समारोह के दौरान ‘खेल-खेल में हिंदी कार्यक्रम’ भी आयोजित किया गया, जिसका संचालन संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार नायर ने किया।

 

हिंदी सप्ताह का समापन समारोह 21 सितम्बर 2016 को निदेशक डॉ. एम.आर. दिनेश की अध्‍यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें श्रीमती सुलेखा मोहन, सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक, केनरा बैंक, बेंगलूरु मुख्य अतिथि थीं।

 

समापन समारोह की मुख्य अतिथि ने कहा कि 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया जाए और इस सिलसिले में हिंदी सप्ताह, हिंदी माह वगैरह आयोजित किए जाएँ, लेकिन हिंदि में काम हिंदी सप्ताह या हिंदी माह तक सीमित न किया जाए। हिंदी को सिर्फ एक भाषा के तौर पर नहीं लीजिए। हिंदी राजभाषा है और राष्ट्रभाषा भी है। भारत की अन्य राजभाषाएँ हिंदी की बहनें हैं। सभी लोगों को अपनी भाषा से प्यार करना चाहिए तथा अपनी भाषा को इज्जत देनी चाहिए। बच्चों को मातृभाषा सिखाइए। मिलावटी भाषा बोलने से बचें। कई भाषाएँ जानने से उन भाषा बोलने वालों से नज़दीकी बढती है। कृषि विज्ञान से जुडे संस्थान होने के कारण यहाँ कई किसान आते होंगे, उनसे उनकी भाषा में आदान-प्रदान करना चाहिए। हिंदी में काम रुचि लेकर कीजिए। गलतियों से घबराइए नहीं।

 

निदेशक डॉ. एम.आर. दिनेश ने कहा कि भाषा लोगों को जोडती है। जब किसी से उनकी भाषा में बात करेंगे तो आपसी भाईचारा भी बढती है। परिवार से ही हमें मतृभाषा को बढाना चाहिए। भारत में भाषा, वेश-भूषा और संस्कृति में विभिन्नता है, लेकिन हमें आपस में जोडने की भाषा हिंदी है। कन्नड और हिंदी में संस्कृत से कई शब्द आए हैं। इसलिए कन्नड भाषियों को हिंदी बोलना, समझना और हिंदी में काम करना आसान है।

 

डॉ. अनिल कुमार नायर ने अतिथि एवं उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया तथा डॉ. रवि भूषण तिवारी ने आभार व्यक्त किया।

 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं निदेशक ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा हिंदी में मूल रूप से काम करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 


Updated on 22.09.2016