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कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषण की उन्नत तकनीक

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कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषण की उन्नत तकनीक

 स्थान: खाद्य-सुरक्षा परामर्श प्रयोगशाला (एफएसआरएल)

 

दिनांक: 08-09   अप्रैल 2020

आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि: 28 मार्च 2020

 

प्रशिक्षण का समय: पूर्वाह्न 09.30 से अपराह्न 4.00 बजे तक

 

प्रशिक्षण शुल्क: रु. 10,000/-

(शुल्क में आवास, नाश्ता, मध्याह्न भोजन और रात्रि भोजन एवं सत्रों के बीच चाय शामिल हैं)

 

पाठ्यक्रम निदेशक

. देबी शर्मा

. पार्थो पी. चौधरी

प्रधान वैज्ञानिक, पादप कार्यिकी एवं जैवरसायन विभाग

 

समन्वयन टीम

. सी.के. नारायण, सीईओ (बेस्ट-हर्ट)

श्री वैभव बी.एस., . शिवगंगव्वा पी.डी.

श्रीमती नंदिनी सी.एल., श्री श्याम कुमार जे., श्रीमती प्रसन्ना आर. एवं श्री नितेश

 

आयोजक

प्रौद्योगिकी के माध्यम से बागवानी में व्यवसाय, उद्यमिता और स्टार्ट अप सहायक,

प्रौद्योगिकी व्यवसाय इन्क्युबेशन, भा.कृ.अनु.प.-भा.बा.अनु.सं., हेसरघट्टा बेंगलूरु-560089

भा.कृ.अनु.प.-भा.बा.अनु.सं. के बारे में

  • भा.कृ.अनु.प.-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली का एक प्रमुख संस्थान है। इस संस्थान की स्थापना 1967 में की गई थी, जो हेसरघट्टा, बेंगलूरु में 263 हेक्टेयर के विशाल परिसर में स्थित है।
  • यह संस्थान में पिछले 52 वर्शों से 40 से अधिक बागवानी फसलों पर काम करते आ रहा है, जो कई बागवानी फसलों में उत्पादकता बढ़ाने के लिए समर्पित एवं सतत अनुसंधान प्रयासों के माध्यम से खाद्य-सुरक्षा की समस्याओं के निदान में प्रमुख भूमिका निभाते आ रहा है।
  • पिछले पाँच दशकों में इस संस्थान ने बागवानी फसलों की 289 किस्मों को विमोचित कर उन्हें लोकप्रिय बनाया है।
  • इसके साथ ही संस्थान ने 28 फसल-संरक्षण तकनीकियाँ, 20 सस्योत्तर तकनीकियाँ तथा 35 प्रक्षेत्र उपकरण एवं यंत्र भी विकसित किए हैं।
  • इन नवाचारी तकनीकियों को आगे ले जाने के लिए भा.कृ.अनु.प.-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान ने बागवानी में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण और इन्क्युबेशन सुविधा प्रारंभ की है।

बेस्ट-हर्ट के बारे में

बेस्ट-हॉर्ट भा.कृ.अनु.प.-भा.बा.अनु.सं. का एक प्रौद्योगिकी व्यवसाय इन्क्युबेटर है, जिसको बड़े सफल उद्यम के सामने अपने उद्यम के परीक्षण एवं वैधीकरण हेतु आवष्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक सलाह, भौतिक सुविधा, नेटवर्किंग मदद, सुविधाएँ और सेवाएँ प्रदान करने हेतु नवाचारी प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए नए स्टार्ट अप के इन्क्युबेशन, उद्यमियों और उद्यमों के लिए एनएसटीईडीबी प्रभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार प्रेरणा एवं मदद देता है।

बेस्ट-हॉर्ट आकांक्षी उद्यमियों को व्यावहारिक कौशल, जिसको उद्यम में परिवर्तित किया जा सकता है, के विकास के लिए व्यावारिक प्रशिक्षण देता है। इसके एक अंग के रूप में भा.कृ.अनु.प.-भा.बा.अनु.सं., हेसरघट्टा, बेंगलूरु में 8-9 अप्रैल 2020 को कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषाण की उन्नत तकनीक पर एक सशुल्क व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

संपर्क हेतु विवरण

. देबी शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, पादप कार्यिकी एवं जैवरसायन विभाग

फोनः 080.23086100; विस्तार 480/514, मोबाइल: 7760883948

पात्रता

गैर-सरकारी प्रयोगशालाओं के विश्लेषण/अनुसंधान व विकास कर्मचारी, निजी प्रयोगशालाओं के कर्मचारी, रसायन शास्त्र के स्नातकोत्तर छात्र और भा.कृ.अनु.प./राज्य कृषि विश्वविद्यालय/अन्य विज्ञान विषय से संबंधित विश्वविद्यालयों के छात्र/शोधकर्ता।

प्रशिक्षण की संभावनाएँ

यह प्रशिक्षण प्रशिक्षणार्थी को सरकारी/निजी क्षेत्र की खाद्य-सुरक्षा परीक्षण प्रयोगशाला में विश्लेषक के रूप में कार्य करने हेतु सक्षम बनाएगा।

गुजाइश

प्रशिक्षणार्थियों को जीसी-एमएस/एमएस और एलसी-एमएस/एमएस का उपयोग करते हुए क्यूयूईसीएचईआरएस विधि को अपनाकर कीटनाशक-अवशेषों की उन्नत तकनीकों से अवगत कराना। विश्लेषणात्मक विधियों के वैधीकरण और प्रयोगशालाओं की मान्यता हेतु मूलभूत ज्ञान प्रदान करना इस प्रशिक्षण में शामिल है।

वर्तमान स्थिति

खाद्य सुरक्षा परामर्श प्रयोगशाला ने अपना कार्य कीटनाशक-अवशेष, भारी धातु, माइकोटोक्सिन, गैर-अनुमत रंजक, और सूक्ष्मजीव संदूषक जैसे पाँच विभिन्न पहलुओं पर प्रारंभ किया है। संस्थान के अपने अनुसंधान इकाइयों से प्राप्त परीक्षणात्मक नमूनों के विष्लेशण के साथ में खाद्य सुरक्षा परामर्श प्रयोगशाला एफएसएसएआई, उद्योग, अनुसंधान संगठन और किसान सहित अन्य साझेदारों के लिए भी अपनी सेवा देती है।

भावी लक्ष्य

इस प्रयोगशाला में उच्च स्तर पर प्रशिक्षित स्नातक और स्नातकोत्तर पेशेवर प्रशिक्षणार्थी विशेषाज्ञ मिशन ले लेंगे और इस क्षेत्र में फलों व सब्जियों में कीटनाशकों के दुरुपयोग को कम करने के लक्ष्य के साथ प्रशिक्षण देंगे। भविष्य में, खाद्य एवं पर्यावरण मुद्दों के समाधान के लिए राष्ट्रीय संस्थाओं और उद्योगों को सलाह देना और इस क्षेत्र के अन्य प्रयोगशालाओं के साथ अपना अनुभव बाँटना भी इस कार्य में शामिल होंगे।

पाठ्यक्रम सामग्री के बारे में (सैद्धांतिक और व्यावहारिक)

  • कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषाण के लिए नमूना तैयार करने हेतु आधुनिक तकनीक
  • कीटनाशकों का बहु-अवशेष विश्लेषण
  • कीटनाशकों का एकल अवशेष विश्लेषण
  • पद्धति की वैधीकरण तकनीक
  • कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषण के लिए जीसी-एमएस/एमएस और एलसी-एमएस/एमएस का अनुकूलन एवं प्रचालन

प्रशिक्षण कार्यक्रम का विहंगावलोकन

कीटनाशकों के अवशेष ताज़े एवं प्रसंस्कृत फलों व सब्जियों की अहानिकारकता निर्धारित करने का एक अत्यंत प्रमुख अंग है। खाद्य सुरक्षा परामर्श प्रयोगशाला में कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषाण के लिए अद्यतन सुविधा उपलब्ध है, जहाँ प्रक्षेत्र अनुसंधान के कार्यों के अतिरिक्त साझेदारों के नमूनों के विश्लेषाण का कार्य भी किया जाता है। खाद्य-सुरक्षा विश्लेषण पर सरकारी/गैर-सरकारी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना खाद्य सुरक्षा परामर्श प्रयोगशाला का एक प्रमुख उद्देश्य है। इस प्रशिक्षण में कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषण सभी पहलू, जैसे नमूना तैयार करना, निर्धारण, समस्या का समाधान, एकल अवशेष पद्धति, प्रयोगशाला को मान्यता दिलाने संबंधी कार्य शामिल हैं।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

  • कीटनाशक-अवशेषों के विश्लेषण हेतु प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करना।
  • अवशेषों के विश्लेषण तकनीक के परीक्षण के लिए लघु इकाइयों को प्रेरित करना।
 

 

 

Registration link : https://forms.gle/SHn4ByMPyyJTEvUQ7

Wednesday, April 8, 2020 - 09:00 to Thursday, April 9, 2020 - 16:00